यह स्मारक गोवर्धन-राधाकुण्ड मार्ग पर गोवर्धन कस्बे से लगभग 02 कि0मी0 की दूरी पर स्थित है। इसके नामकरण के सम्बन्ध में ऐसी परम्परा है कि भगवान श्रीकृश्ण यहाॅ से राधाजी के श्रंगार के लिये पुश्प (कुसुम) एकत्र कर उनकी मालायें गूॅथा करते थे। इस स्मारक का निर्माण वीर सिंह देव ने 1678 ई0 में कराया था। स्मारक के गुम्बद के अन्दरूनी भाग में सुन्दर चित्रकारी की गयी है।

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